कील पट्टिका
🎰 *कील पट्टिका* 🎰
शिक्षण कार्य को रूचिकर बनानें तथा बच्चों के समक्ष में वृद्घि करनें के उद्देश्यसेआजदिनांक9-10-17 को मैं प्र०अ० हरीओम सिंह प्रा०वि० पेरई नेवादा कौशाम्बी कक्षा -5 एवं कक्षा -4 की एक गणित विषय सेसम्बन्धित संयुक्त कक्षा शिक्षण कियाजिसके तहत बच्चों को विभिन्नज्यामितीय आकृतियों से परिचित करानें के साथ-साथ उनकी विषेशताओं तथा विभिन्न सम्मलित आकृतियों से पहिचान कर आकृतियों की संख्या लिखना सिखानें का प्रयास किया। जिसके तहत प्रयास करते हुए मैनें एक *कील पट्टिका*का निर्माण किया जिसके बारे में सबसे पहले विस्तार से मेरे द्वारा बताया गया तथा इसके उपरान्त उसे बनानें हेतु किनकिनसामग्रियों की आवश्यकता पडे़गी तथा उसे कैसे बनायेगे विस्तार से बताया गया जिसके तहत बताया कि इसे बनाने में लकड़ी का एक छोटा बोर्ड, लोहेकीकील, पेपर, कलर, हथौडी़, ऊन इत्यादि सामग्री की आवश्यकता पडे़गी तथा बनाने में सबसे पहले बोर्ड पर पेपर चस्पा करके बार्डर का कलर करगें फिर लाइन से लोहे की कील गाड़कर तैयार करेगें फिर उसपर ऊन की सहायता से विभिन्न आकृतियों को ऊन को फँसाकर बना सकते हैं। तथा फिर बच्चों के सहयोग से तैयार किया तैयार करनें के उपरान्त कक्षा शिक्षण किया
जिस कील पट्टिका के द्वाराबच्चों को अपनें पास बुलाकर विभिन्न आकृतियों को बनवातेहुएपहिचान कराया तथा पहिचान करानें के उपरान्त उसकी विशेषताओं के बारे में बारी-बारी से बताया तथा बतानें के बाद प्रश्न के रूप में सम्मलित आकृतियों को दिया जिसमें से उसमें से आकृतियों की संख्या गिनकर बतानें के लिए दिया तथा साथ ही साथ उस आकृति की विशेषताओं को भी लिखनें के दिया जिसे बच्चों नें बड़ी रूचि के साथ सीखा तथा हल करनें का प्रयास किया और काफी बच्चों नें करके दिखाया। इस प्रकार मैनें बताया कि केवल इतना ही नहीं इस पट्टिका के माध्यम से बहुत सी चीजें करके सीखा जा सकता हैं जैसे Aसे Zतक अल्फाबेट तथा गिनती, जोड़ तथा घटाना कीलियों की संख्या गिनकर कराया जा सकता है इसके आलावा रो और कालम की संख्या गिनकर लाइनवार गुणा भी किया जा सकता है।तथा त्रिभुज एवं कोण के प्रकार भी बताया जा सकता है इस प्रकार इस कील पट्टिका के माध्यम से बच्चे बड़ी रूचि के साथ सीख रहे थे तथा समझ भी रहे थे मेरे आज के इस गणित शिक्षण में सभी बच्चों नें बड़ी रूचि के साथ सीखा तथा सहयोग किया।
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📝हरीओमसिंह प्र०अ० पेरई
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