कौन बनेंगा विद्वान

👩‍🏫कौन बनेगा विद्वान👨‍⚕
बच्चों के अन्दर प्रतियोगिता की भावना को प्रेरित करनें के साथ-साथ उनकी ज्ञानात्मक क्षमता में वृद्घि करनें की दिशा में एक छोटी सी कोशिश करते हुए आज दिनांक 26-10-2017 को मैं हरीओमसिंह प्र०अ०प्रा०वि० पेरई बच्चों को प्रेरित करते हुए *कौन बनेगा करोड़पति*की तर्जपर *कौनबनेगाविद्वान* प्रतियोगिता का आयोजन किया किया जिसके तहत बच्चों को सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता आयोजित की गयी जिसके तहत  मैनें अपनी सीट के सामनें बच्चे को बैठनें की हाट सीट लगायी तथा कम्प्युटर स्क्रीन के रूप में दफ्ती तथा रंगीन पेपर की सहायता से दोनों तरफ जेब बनाते हुए तैयार किया जिसमें एक तरफ मेरी ओर के जेब में 10 प्रश्नलिखी परची तथा बच्चे की तरफ का जेब खाली रखा तथा हाट सीट पर बैठनें वाले बच्चे की तरफ प्रश्न पूछते हुए अपनें तरफ की जेब से बारी बारी से  प्रश्न की परची को निकालकर दफ्ती को घुमाते हुए बच्चे की तरफ के जेब में रखकर और बच्चा उस प्रश्न को पढ़कर निर्धारित समय में जवाब देगा तथा खेल में कुल 10प्रन्नों को रखा गया तीन प्रश्नों के सही उत्तर देनें पर बच्चा पहला पडा़व पार करेगा तथा दूसरे पडा़व की ओर जायेगा तथा उसे पहला ईनाम तत्काल मिल जायेगा तथा इसी प्रकार पुन:तीन प्रश्नों के सही उत्तर देनें पर दूसरा पडा़व पर पहुँचेगा तथा उसे दूसरा पडा़व पार करनें का पुन:ईनाम मिलेगा तथा अन्तिम चार प्रश्नों के उत्तर देनें पर पूरे पडा़व पार करके और पुरस्कार सहित *आज का कौन बनेगा विद्वान*बनेंगा तथा उसे हर एक पडा़व में एक बार मौका मिलेगा प्रश्नों के उत्तर न दे पानें में किसी एक साथी से सहयोग ले सकेगा। तथा हाट सीट पर बैठनें के लिए एक सभी के बीच सामान्य प्रश्न पूँछा जायेगा जिसका उत्तर जो बच्चा सही तथा जल्दी से दे देगा वही बच्चा हाटसीट पर बैठेगा।पूरे खेल के नियम समझानें के बाद खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसके तहत पहली बार के सामान्य प्रश्न के रूप में *अपनें प्रदेश का नाम पूँछा गया*जिसे  सही और जल्द जवाब संध्या शाहू कक्षा-4 नें दिया जिसे पहली बार हाटसीट पर बैठनें का मौका मिला फिर उससे प्रश्न पूछना प्रारम्भ किया जिसके तहत वह दो पडा़व को पार करते हुए ईनाम जीती तथा तीसरे पडा़व में गेम quit करना पड़ा इसी प्रकार पुन: खेलाया गया बच्चे बड़ी रूचि लेकर खेल रहे थे तथा बहुत ही उत्सुक थे। मेरी आज की यह छोटी सी कोशिश बहुत ही सफल साबित होती नजर आयी तथा इससे मैनें अनुभव किया कि बहुत अच्छे तरीके से बच्चे उत्सुकता के साथ सामान्य जानकारी रखनें में सफल होगें आज की मेरे इस प्रतियोगिता में मेरे समस्त शिक्षक स्टाफ नें पूरा सहयोग किया।तथा बच्चों को ईनाम के तहत पहले पडा़व पार करनें पर पेन्सिल तथा रबर तथा दूसरे पडा़व पर पेन, पेन्सिल तथा तीसरे और अन्तिम पडा़व पर पेन, पेन्सिल, तथा रबर तीनों ईनाम के रूप में प्रदान की गयी।
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📝हरीओमसिंह प्र०अ०
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