कोशिश एक बदलाव की

*कोशिश एक बदलाव की*🙏

प्रा०वि० पेरई विकासक्षेत्र नेवादा जनपद कौशाम्बी जिला कार्यालय से लगभग 25 किमी की दूरी पर तिल्हापुरमोड़ एक छोटे तिराहे पर स्थित है जहाँ पर एक छोटी सी बाजार भी लगती है। जहाँ पर मैं बतौर प्र०अ० के रूप में अगस्त 2008 में कार्य भार सम्भाला तो विद्यालय में मुझे बड़ी निराशा लगी तथा मुझे लगा कि मुझे बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। और ऐसा सोचकर मैनें सबसे पहले विद्यालय की प्रमुख समस्याओं को चिन्हित करनें का काम किया जिसके तहत मैनें प्रमुख समस्याओं के रूप में 

1-विद्यालय परिवेश बहुत ही गन्दा विद्यालय में वाउन्ड्रीवाल का निर्माण विवाद के कारण काफी दिनों से नहीं हो पा रहाथा तथा लोग विद्यालय के चारों तरफ गोबर फेकनें के गड्ढे बनाकर गोबर फेका करते थे।

2-विद्यालय के कमरों की फर्श टूटी-फूटी तथा कमरे आकर्षण विहीन।

3-छोटा कस्बा होनें के कारण गाँव परिसर में प्राईवेट विद्यालय होनें की वजह से छात्रों का विद्यालय में नामांकन की समस्या तथा साथ ही साथ छात्रों का विद्यालय में नामांकन करानें के बाद विद्यालय से गायब हो जाना। 

4-विद्यालय का शैक्षिक लेवल काफी न्यून था। 

5-विद्यालय समितियों का विद्यालय  सहयोग के प्रति शून्य सहभागिता।

6-नामांकन के सापेक्ष उपस्थिति का न्यून होना।

इन सब समस्याओं को देखकर मुझे लगा कि ये मेरे लिए एक बहुत बडी़ चुनौती है। फिर मैनें 

अपनें आपको प्रेरणा हरिवंश राय बच्चनजी की कविता *कोशिश करनें वालों की कभी हार नहीं होती*से ली तथा "एक कोशिश बदलाव की"को मन में ठानकर और प्रयास शुरू किया

सबसे पहले मैनें ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष सहित एक- एक सदस्य के घर जाकर और विद्यालय के प्रति प्रेरित किया फिर उन लोगों से सम्पर्क करके और बात चीत का शिलशिला चालू किया जो लोग विद्यालय के चारों ओर गड्ढा बनाकर और गोबर डालते थे उन्हें समझानें में समय लगा लेकिन धीरे-धीरे लोगों के बातें समझ में आयी और लोग धीरे धीरे विद्यालय परिसर में गड्ढा करके गोबर डालना बन्द कर दिये।फिर धीरे धीरे परिसर की साफ सफाई का शिलशिला चलाया जिसके तहत मैनें अपनें दोनों रसोइया तथा दोनों शिक्षक  शिक्षामित्रों को जिम्मेदारी दी कि विद्यालय साफ सुथरा में सहयोग करें जिसमें मुझे पूरा सहयोग मिला फिर मैनें ग्रामप्रधान जी 

को वाउन्ड्रीवाल निर्माण हेतु प्रेरित किया जिससे वे प्रेरित हुए और ग्राम सभा के माध्यम सेविद्या लय में वाउन्ड्रीवाल का निर्माण कराया गया। केवल इतना ही बल्कि समय-समय पर समिति तथा गाँव के सम्मानित अभि भावकों का भी भरपूर सहयोग मिलना शुरू हो गया जिसका अवलोकन पूर्व उप जिला अधिकारी महोदय चायल जी द्वारा महिला मतदाताओं को शपथग्रहण के समय तथा स्कूल चलो अभियान की बैठक के समय पूर्व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय श्री डी यस यादव जी द्वारा मौके पर उपस्थित होकर किया गया। इसके उपरान्त विद्यालय में नामांकन दर मेंपर्याप्त वृद्घि होनें लगी। चूँकि मेरे विद्या लय के इर्द-गिर्द चार -पॉच विद्या लय मान्यता प्राप्त होनें के कारण बच्चे कुछ दिन विद्यालय में रहनें के उपरान्त विद्यालय छोड़ -कर दूसरे विद्यालयों की ओर मुँह कर लेते थे केवलइतना ही नहीं बल्कि जितने बच्चों का नामांकन हुआ करता था उसमें से बहुत से बच्चे अनियमित स्कूल आते थे कुछ बच्चे स्कूल आते ही नहीं थे केवल यदा-कदा ही आते थे।इस दिशा प्रयास करते हुए सबसे पहले उन बच्चों को चिन्हित करके तथा उनके अभिभावकों से बात करके प्रेरित करनें का कामशुरू किया तथा साथ ही साथ विद्यालय में विभिन्न नवाचारी प्रयासों को शुरू करनें का प्रयास किया  जिन्हें कि मैं अपने विद्यालय की परिस्थि तियों के आधार पर स्वंय मूल्यां कन करके तैयार किया जैसे विद्यालय मेंनामांकन हेतु स्कूल चलोअभियान के तहत रैली तथा अभिभावकों के साथ बैठक के साथ-साथ विद्यालय के विभिन्न अवसरों पर उनके अभिभावकों को बुलाकर सम्मानित करनें का काम तथा साथहीसाथ विद्यालय के परिवेश की साफ-सफाई तथा शौंचालय की साफ-सफाई एवं विद्यालय में मरम्मत कार्य के साथ- साथ आकर्षक ढ़ग से रगाई-पोताई एवं हर कक्षा की दीवालों पर विषयोपयोगी आक र्षक टीएलएम पेन्टिंग का कार्य तथा विद्यालय परिसर में आक र्षक क्यारियों के साथ रंग-बिरंगे फूल तथा मनमोहक वृक्ष लगाये गये तथा ब्लैकबोर्ड को एवं आ फिस को बहुत ही कलात्मक  ढंग से सजावट का कार्य किया गया तथा सजावट का कार्य करनें के साथ ही साथ विद्यालय के बच्चों में भी अपनें विद्यालय की अलग पहिचान बनाते हुए बच्चों को दो सेट ड्रेस के साथ-साथ अपनें स्कूलकी टाई,  बेल्ट, आईकार्ड, इत्यादि सामग्री प्रत्येक बच्चे के लिए विद्यालय की तरफ से मुफ्त उपलब्धता एवं विद्यालय में विभिन्न नवाचारी गतिविधियाँ जैसे माह के अन्तिम शनिवार के दिन विद्यार्थी जनमोत्सव, टोकन बाटो ईनाम पाओ, स्वागत समारोह का आयोजन, नामांकन मेला, विदाई समारोह, प्रवेशउत्सव,कक्षाटोकन प्रभारी, हाउस के आधार पर कक्षावार बच्चों का बॅटवारा, स्वास्थ्य एवं स्वाच्छता दिवस का आयोजन, हस्तशिल्प एवं क्राफ्ट निर्माण के साथ शिक्षा,कौनबनेगा विद्वान,  INDOOR गेम तथा OUTDOOR डोरगेम, आज का विचार लेखन, सुबह माँ सरस्वती पूजन के साथ-साथ ड्रम के माध्यम से पीटी प्रार्थना, स्पोर्ट्स डे का आयोजन, बालअखबार का प्रकाशन,विभिन्न दिवसों एवं त्योहारों के साथ बच्चों  को परिचित कराते हुए मनाना, स्टार आफ द वीक, स्टार आफ द मन्थ खेल-खेल में शिक्षा के तहत खेल के साथ शिक्षा, विभिन्न आकर्षक टी एल एम निर्माण के साथ-साथ शिक्षण कार्य, समय-समय पर चलाये गये विभिन्न प्रोग्रामों के तहत जैसे (मतदाता जागरूगता अभियान, मतदाता दिवस, पल्सपोलियो  दिवस, वजन दिवस,  स्वाच्छता पखवाड़ा, स्वाच्छता ही सेवा है एवं ब्लाक तथा जिलास्तरीय क्रीडा प्रतियोगिता में बच्चों का प्रतिभाग करना )इत्यादि कार्यक्रमों में बच्चों के साथ सक्रिय सहभागिता करते हुए आयोजन, लैपटाप के माध्यम से शिक्षा, कम्प्युटर शिक्षा, एवं विभिन्न विज्ञान के सरल प्रयोग, बालक्राफ्ट प्रदर्शनी का आयोजन, योग की कार्यशाला का आयोजन, स्वास्थ्य एवं स्वाच्छता समिति का गठन, बाल स्वाच्छता पुरस्कार, निगरानी समिति, बालसंसद, एवं विद्यालय की बेबसाइड निर्माण जिस पर विद्यालय में होनें वाली विभिन्न नवाचारी गतिविधियों किसी भी समय Onlineदेखा जा  सकता है तथा  केवल इतना ही नहीं  बच्चे अपनें दाखिले हेतु आवेदन भी Online कर सकतें तथा रसोइया भी फार्म- विज्ञापन निकलनें पर Online आवेदन फार्म भर सकतीं हैं इत्यादि जैसी विभिन्न नवाचारी गतिविधियों का आयोजन समय-समय पर किया गया जिसके परिणाम स्वरूप बच्चों  के अन्दर विद्यालय के प्रति झुकाव में वृद्घि होनें लगी तथा बच्चे नियमित स्कूल आनें हेतु प्रेरित होनें लगे एवं केवल इतना ही नहीं बल्कि वे अपने साथ-साथ अन्य बच्चों को भी विद्यालय में नाम लिखवानें तथा पढ़नें हेतु प्रेरित करनें लगे केवल इतना ही नहीं बल्कि आज बच्चों के अभिभावक कान्वेंट स्कूल से  नाम कटवा कर मेरे विद्यालय में लिखवा रहें है मेरे इन सभी कार्यों का अवलोकन विभिन्न अधिकारी गणों द्वारा समय-समय पर किया जाता रहा जिसके तहत मेरे स्कूल में  बेसिक शिक्षा विभाग के पूर्व निदेशक श्री दिनेश चन्द्रकनौजिया जी द्वारा विद्यालय अवलोकन के साथ-साथ बच्चों के बीच बैठकर विद्यालय में बनाये गये एम डी एम  को भी खाया गया था एवं  एम डी एम निदेशक माया निरंजन जी, पूर्व एडी बेशिक श्री रामशरन जी एवं श्री रमेश तिवारी जी, एवं पूर्व के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खण्डशिक्षाअधिकारीमहोदयों द्वारा समय-समय पर आकर किया गया। मेरे इन सभी कार्यो  एवं प्रयासों को देखते हुऐमाननीय जिलाधिकारी कौशाम्बीमहोदयजी द्वारा 15अगस्त 17को स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण)के तहत  प्रशंसा पत्र तथा उत्कृष्ट कार्यों के लिए 5 सितम्बर 17कोप्रशस्तिपत्र प्रदान किया गया। इस प्रकार आज मेरे स्कूल के बच्चों की स्थिति काफी अच्छी होनें के साथ-साथ 80-90 प्रतिशत उपस्थित के साथ नियमित विद्यालय में उपस्थिति तथा विभिन्न अवसरों पर विद्यालय तथा जिला स्तरीय कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता रहती है और इसी के तहत मेरे विद्यालय के बच्चों ने मा०विधायक चायल श्री संजय गुप्ता जी के जन्मदिन के अवसर पर हेलीकाप्टर की यात्रा तथा जिलास्तरीय दीपावली मेला में प्रतिभाग किया एवं बच्चों के साथ मिलकर खण्ड विकास अधिकारी नेवादा महोदय जी द्वारा बच्चों के साथ बालचौपाल लगाकर बच्चों से बातचीत भी  किया गया जिसमें बच्चों नें अपनी सक्रिय भूमिकाकेसाथसहभागिता किया और शैक्षिक स्तर में काफी परिवर्तन है बहुत से मेरे बच्चों को 30 तक पहाडा़ मौखिक याद है केवल इतना ही नहीं बल्कि कुछ बच्चे अग्रेजी में बात करनें के साथ-साथ वे 99 तक का भी पहाड़ा लिखकर और पढ़कर सुना देनें हेतु तैयार हैं।

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📝मिशनशिक्षणसंवाद कौशाम्बी 

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