खेल-खेल में शिक्षा 28-8-2017

⛄☘खेल-खेल में हजार तक की संख्याओं को पढ़ना तथा लिखना ⛄☘
प्राय: ऐसा अनुभव किया जाता है कि यदि किसी विषयवस्तु से सम्बंधित गतिविधियाँ उनके परिवेश और रूचि के आधार पर करायी जायें तो उन्हे कठिन से कठिन विषयवस्तु भी बोझिल नहीं लगेगी और रूचि के साथ सीखने का प्रयास भी करते है इसी-क्रम में आज मेरे द्वारा हजार तक की संख्याओं को लिखना तथा उन्हें पढ़ना सिखाने की एक छोटी सी कोशिश की गयी।
     जिसके तहत सबसे पहले चूने की सहायता से दो गोले बड़े तथा बड़े गोलों के नीचे A तथा B लिखवाया गया तथा बड़े गोलों के ऊपर चारगोले तथा प्रत्येक के सामनें इ०, द,०, सै०, तथा हजार बच्चों के द्वारा चूने की सहायता से ही लिखवाया गया इसके उपरान्त चार बच्चों को सामने गोले में तथा दो बड़े गोलों में छ:-छ:बच्चों की दो  टीम  बना दी गयी इसके उपरान्त सामने मेंज के ऊपर कुछ चार्टपेपर के टुकड़े काटकर उसमें अंक लिखकर रख दिया गया।
इसके उपरान्त मेरे द्वारा हजार तक की संख्याए बोली गयी जिसमें से प्रत्येक टीम से एक-एक छात्र बारी-बारी से खडे़ होकर मेरे द्वारा बोली गयी संख्या के अनुरूप अंको की पहिचान करके एवं उन्हें मेंज से छाँटकर  आगे के सामनें खड़े छात्र को क्रमबद्ध तरीके से अंक  पकडा़ता जाता है इसके उपरान्त उससे पढ़ने के लिए भी कहा जाता था जिस टीम कि छात्र ऐसा कर लेता था उस टीम को एक टोकन के रूप में कैरम की गोट  दिया जाता था जिस टीम के पास कैरम की गोट ज्यादा होती थी वही टीम विजयी घोषित किया जाता था निर्णायक के रूप में मेरे साथ कार्यरत स०अ०प्रतिमा कुमारी जी को रखा गया इस प्रकार अनुभव किया गया कि सभी बच्चे बड़ी रूचि के साथ  निर्धारित समय के अन्दर शीघ्रता के साथ अकों की पहिचान कर बोली गयी संख्या के अनुरूप क्रमबद्ध तरीके से अंको को रखने तथा उसे पढ़ने का प्रयास बड़ी रूचि के साथ कर रहे थे इसके उपरान्त उस हजार वाली बोली गयी संख्या को बाद में अपनी-अपनी कापी में लिखने के लिए भी कहा गया इसमें 1और 2 के अतिरिक्त बड़े बच्चों ने प्रतिभाग किया।
(प्र०अ०)
प्रा०वि०-पेरई, नेवादा-कौशाम्बी





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